ऋषि कपूर ने 30 हजार रुपये में अवार्ड खरीदने पर मांगी माफी

ऋषि कपूर ने 30 हजार रुपये में अवार्ड खरीदने पर मांगी माफी

 

नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर ने अपने लिए ‘सर्वश्रेष्ठ अभिनेता’ का अवार्ड खरीदने पर माफी मांगी है। ऋषि ने हाल ही में रिलीज हुई अपनी आत्मकथा ‘खुल्लम खुल्ला’ में खुलासा किया है कि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में अपने लिए 30,000 रुपये में अवार्ड खरीदा था।

 

समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे टीवी’ को दिए साक्षात्कार के दौरान मशहूर पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने जब ऋषि द्वारा ‘फिल्मफेयर अवार्ड’ खरीदने का मुद्दा उठाया तो ऋषि ने कहा, “ना, ना, ना..मैंने अवार्ड के नाम का खुलासा नहीं किया है..सिर्फ इतना कहा है कि मैंने अपनी फिल्म ‘बॉबी’ के लिए वह अवार्ड खरीदा था।”

 

सरदेसाई ने जब उन्हें याद दिलाया कि उन्हें उस वर्ष बॉबी के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ‘फिल्मफेयर अवार्ड’ मिला था, जो उन्होंने अमिताभ बच्चन (जंजीर) को पछाड़कर लिया था, तो ऋषि ने कहा, “यह उनमें से एक अवार्ड था।”

 

ऋषि ने यह भी कहा कि वह ‘इसे लेकर खुद को दोषी मानते हैं’।

 

64 वर्षीय अभिनेता ने कहा, “लेकिन उस समय मैं मुश्किल से 20-21 साल का रहा होउंगा। बॉबी हिट होने के बाद अचानक मैं बहुत बड़ा स्टार हो गया था। मैं वास्तव में एक बिगड़ैल बच्चा था। उन दिनों मेरे पांव जमीन पर नहीं पड़ते थे..तभी एक व्यक्ति मेरे पास आए और कहा कि मुझे वह अवार्ड मिल सकता है..उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं वह अवार्ड पाना चाहूंगा? तो मैंने कह दिया ‘क्यों नहीं’। उस व्यक्ति ने कहा कि इसके लिए मुझे 30,000 रुपये देने पड़ेंगे। तब यह बहुत बड़ी रकम थी।”

 

ऋषि कपूर ने कहा, “अब पूरी घटना को देखता हूं तो मेरा मन यह मानने को करता है कि हो सकता है कि वह अवार्ड मुझे मेरी काबिलियत के लिए ही मिला हो, क्योंकि जिस व्यक्ति को मैंने रुपये दिए, मुझे नहीं पता कि उसने उन रुपयों का क्या किया।”

 

ऋषि से जब पूछा गया कि क्या यह उनके जीवन की सबसे बुरी घटना है? तो ऋषि ने कहा, “बिल्कुल.. यह मेरी कच्ची उम्र का दोष है, मेरे पास सोचने-समझने की शक्ति नहीं थी, उस समय मेरे लिए कुछ भी सही-गलत नहीं था। मैं एक धनी व्यक्ति का बेटा था और अभिनेता होने के बाद मैं खुद को और धनी महसूस करने लगा था। मैंने यहां-वहां रुपये उड़ाए और मुझे इसका बेहद अफसोस है।”

 

ऋषि कपूर ने कहा, “मैं इसके लिए माफी मांगता हूं.. लेकिन अब यह मेरे जीवन का हिस्सा है।”

(आईएएनएस)

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