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कैट ने प्रधानमंत्री मोदी से 2017 को लैस कैश वर्ष घोषित करने का सुझाव दिया

 

कंफेडेरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने देश भर में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और उसकी महत्वत्ता को स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को सुझाव दिया है की आगामी वर्ष 2017 को सरकार लैस कैश वर्ष घोषित करे और देश भर में वर्ष भर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और उसे अपनाने के लिए एक व्यापक अभियान सरकार की ओर से चलाया जाए ! कैट ने कहा है की व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच होने वाली व्यक्तिगत खरीदी और व्यापारियों के बीच होने वाले व्यापारिक लेन -देन को प्रोत्साहित करने में लैस कैश वर्ष एक बड़ी एवं निर्णायक भूमिका निभा सकता है ! कैट वर्ष 2015 से ही देश भर के व्यापारियों के बीच डिजिटल भुगतान को अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए एक अभियान चलाये हुए है !

 

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने आज यहाँ बताया की व्यापारियों को डिजिटल भुगतान को अपनाने हेतु प्रेरित करने के लिए कैट ने जनवरी से फरवरी महीने तक देश भर में एक 60 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान चलाने का निश्चय किया है जिसके अन्तर्गत सभी राज्यों में राज्य स्तरीय डिजिटल पेमेंट सम्मेलन आयोजित किये जाएंगे जिसमें राज्य के व्यापारिक संगठनों के प्रमुख नेता भाग लेंगे वहीँ दूसरी ओर देश भर के बाज़ारों में स्थानीय व्यापारिक संगठनों के सहयोग से डिजिटल भुगतान कैंप लगाए जायेंगे जिसमें व्यापारियों एवं अन्य लोगों को डिजिटल भुगतान के विकल्प पर जानकारी देकर उनको अपनाने पर जोर दिया जायेगा ! सभी राज्यों में इस मुद्दे पर एक व्यापक पब्लिसिटी कैंपेन भी चलाया जायेगा !

 

व्यापारियों की दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान उपभोक्ताओं और लोगों के बीच संवाद की बेहद मजबूत कड़ी होते हैं जब प्रतिदिन दुकानों पर बड़ी संख्यां में लोग खरीदी करने आते हैं ! ऐसे लोगों को डिजिटल भुगतान के प्रति आकर्षित करने के लिए दुकानों पर लगाने हेतु एक विशिष्ट पोस्टर भी तैयार किया जायेगा ! डिजिटल भुगतान के बारे में छोटे वीडियो, व्हाट्सअप पर चलने वाली क्लिप आदि भी बड़े पैमाने पर भेजी जाएँगी वहीँ सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जायेगा !

 

इस अभियान के अन्तर्गत ही कैट लैस कैश मार्च एवं नुक्कड़ नाटकों जैसे अभिनव प्रयोगों से भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देगा ! विभिन्न राज्यों में सेमिनार, वर्कशॉप, ट्रेनिंग कैंप आदि आयोजित कर व्यापारियों और लोगों को डिजिटल भुगतान के बारे में जागरूक करने के ठोस प्रयास होंगे !

 

श्री भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने कहा की जीएसटी कर प्रणाली देश के व्यापार का भविष्य है और जीएसटी के अन्तर्गत व्यापार करने हेतु डिजिटल भुगतान को अपनाना बेहद जरूरी है क्योंकि जीएसटी के प्रावधानों के अनुसार इस कर प्रणाली में कर का भुगतान केवल क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड अथवा एनआईएफटी या आरटीजीएस से ही होगा ! अनेक राज्यों में सरकारें भी सरकारी कर को जमा करने हेतु डिजिटल भुगतान को ही एक विकल्प बना रही है ऐसे में डिजिटल भुगतान को अपने व्यापार का हिस्सा बनाने में व्यापारियों को जीएसटी तथा अन्य सरकारी करों की पालना में आसानी होगी !

 

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