गाजीपुर हादसा: एमसीडी और नेता एलर्ट मोड पर, लैंडफिल का हो रहा है निरीक्षण

गाजीपुर हादसा: एमसीडी और नेता एलर्ट मोड पर, लैंडफिल का हो रहा है निरीक्षण

Rescue operations underway at the site where a huge part of a landfill collapsed in east Delhi's Ghazipur on Sept 1, 2017. (Photo: IANS)

 

ओम कुमार, नई दिल्ली। गाजीपुर हादसे के बाद एमसीडी और कई नेता हरकत में नजर आ रहे है। आज उत्तरी दिल्ली की महापौर प्रीति अग्रवाल ने नरेला-बवाना स्थित कूड़े से बिजली बनाने के संयंत्र का निरीक्षण किया।

यह संयंत्र उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा निजी कम्पनी ‘रामकी’ के सहयोग से ठोस कूड़ा निष्पादन के लिए चलाया जा रहा है।

नरेला-बवाना संयंत्र अपने आप में पहला संयंत्र है जिससे ठोस कूड़े का निष्पादन किया जा रहा है। महापौर ने अधिकारियों से इसकी वर्तमान क्षमता जो कि 70 प्रतिशत है, उसे बढ़ाकर 80-90 प्रतिशत करने का आदेश दिया गया है।

आज की स्थिति में 12 मेगावाट बिजली 1300 मीट्रिक टन कूड़े से बनाई जाती है। उन्होंने संयंत्र में मौजूद कूड़े के ढेर को देख कर उसे जल्द निपटाने के आदेश दिए ताकि वहां लैंडफिल जैसी स्थिति उत्पन्न न हो पाये।

उत्तरी दिल्ली की महापौर प्रीति अग्रवाल ने निगम के अधिकारियों को कहा की लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि लोगों तक कूड़े को अलग-अलग करने के संबंध में पूरी जानकारी पहुँचे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *