ग्रेटर नोएडा : मौत से कुछ घंटों पहले पत्नी से कहा था ‘बुधवार को लौटूंगा’

ग्रेटर नोएडा : मौत से कुछ घंटों पहले पत्नी से कहा था 'बुधवार को लौटूंगा'

Greater Noida: A grief struck relative of a victim at the site where two buildings collapsed in Greater Noida, on July 18, 2018. At least 50 people were believed trapped under the concrete rubble of the buildings, one of which was under construction and other was ready and some of the families had already moved in to live.The collapse in Shahberi village took place between 8.30 p.m. and 9 p.m. on Tuesday. (Photo: Bidesh Manna/IANS)

ग्रेटर नोएडा: रंजना को मंगलवार की रात फोन पर अपने पति रजनीश भौमाली (36) से बात करते समय इस बात का बिल्कुल भी एहसास नहीं था कि वह अपने पति से अंतिम बार बात कर रही है।

रजनीश ने उसे यह बताने के लिए फोन किया था कि वह मंगलवार शाम अपने घर नहीं लौट पाएगा।

ग्रेटर नोएडा में मंगलवार रात इमारत ढहने के बाद उसमें मरने वाले चार लोगों में से एक रजनीश ने अपनी पत्नी को बताया था कि उसने अपना काम पूरा नहीं किया है इसलिए वह मंगलवार को यहीं रुक कर बुधवार शाम घर लौटेगा।

लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

बुधवार को दो किशोर बच्चों की मां रंजना की आंख ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गांव में दो इमारतों के ढहने की खबर के साथ खुली।

किसी अनहोनी की आशंका से परेशान होकर वह भागी-भागी सी घटनास्थल पहुंच कर अपने पति को तलाशने लगी। उसने अपने पति का फोन मिलाया था जो लग नहीं रहा था।

जैसे ही उसने वह धराशायी इमारत देखी जहां रात में रजनीश ने रुकने के लिए कहा था, वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसके परिजनों ने पुष्टि कर दी कि मलबे में से बरामद तीन शवों में से एक शव उसके पति का है।

रंजना के रिश्ते के भाई और पास की इमारत में राजमिस्त्री का काम करने वाले संजय ने आईएएनएस को बताया, “हम अस्पताल गए और उनके हाथ पर बने टैटू को देखकर उनकी शिनाख्त की। उनका शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था।”

रजनीश पूर्वी दिल्ली में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था।

उदास संजय ने कहा, “उन्होंने दिन का काम खत्म नहीं किया था इसलिए वे वहीं रुक गए। उन्होंने सोचा कि वे इसे मंगलवार रात या बुधवार तड़के पूरा कर लेंगे। इस घटना का किसने सोचा था।”

रजनीश के परिजनों ने बताया कि रजनीश कुछ सालों पहले पश्चिम बंगाल के मालदा से यहां आकर रहने लगा था।

–आईएएनएस

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