मरीना बीच से प्रदर्शनकारियों को हटाया जा रहा 

मरीना बीच से प्रदर्शनकारियों को हटाया जा रहा 

Chennai: People in large numbers stage a demonstration in favour of Jallikattu in Chennai on Jan 19, 2017. (Photo: IANS)

 

चेन्नई। तमिलनाडु पुलिस ने सांड को काबू करने के प्राचीन खेल के समर्थन में मरीना बीच पर करीब एक सप्ताह से चल रहे प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों को सोमवार सुबह हटाना शुरू कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को जबरन हटा रही है।

 

कोयम्बटूर में पुलिस ने मिट्टी के तेल का डिब्बा लेकर खुद को जलाने की धमकी दे रहे शख्स को तुरंत काबू में किया और उसे ऐसा करने से रोका।

 

पुलिस की कार्रवाई जल्लीकट्ट के आयोजन के लिए एक अध्यादेश जारी होने के बाद राज्य सरकार द्वारा कई स्थानों पर जल्लीकट्ट के आयोजन के एक दिन बाद शुरू हुई है।

 

प्रदर्शनकरी यह अध्यादेश लाए जाने से संतुष्ट नहीं हैं और इस मुद्दे पर एक स्थायी समाधान चाहते हैं। पुलिस रविवार रात मरीना बीच पहुंची।

 

पुलिस ने सोमवार को प्रदर्शनकारियों को मरीना बीच से चले जाने को कहा। लेकिन उन्होंने पुलिस की अपील को नजरअंदाज कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जबरन वहां से हटाना शुरू कर दिया।

 

पुलिस ने भीड़ पर लाठियां भी चलाईं। हालांकि महिलाओं और बच्चों को भीड़ के बीच से सुरक्षित निकाला गया। प्रदर्शनकारी समुद्र की ओर दौड़े और वहां एक-दूसरे का हाथ थामे नारेबाजी करने लगे।

 

पुलिस ने मरीना बीच की ओर जाने वाली सभी सड़कों की भी घेराबंदी भी की। पुलिस ने राज्य के अन्य इलाकों से भी प्रदर्शनकारियों को चले जाने को कहा। तिरुनेलवेली जिले में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के आग्रह पर प्रदर्शन रोक दिया।

 

मदुरै में हालांकि प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन जारी है और पुलिस तथा उनके बीच बातचीत चल रही है। अध्यादेश जारी होने के बाद जल्लीकट्ट पथुकप्पु पेरावई के अध्यक्ष पी. राजशेखर ने प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया था।

 

हालांकि राज्यभर में पीपल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पीटा) के खिलाफ प्रदर्शनकारियों का आक्रोश नजर आया, लेकिन अधिकांश प्रदर्शन स्थलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम के विरोध में नारेबाजी सुनाई दी।

 

कुछ प्रदर्शनकारियों की तख्तियों पर असभ्य भाषा भी लिखी नजर आई, वहीं कुछ पर अलग तमिल राज्य की मांग लिखी हुई थी। रेल की पटरियों पर प्रदर्शन के कारण कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जिसके कारण हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

 

दक्षिण रेलवे ने सोमवार को 16 ट्रेनें पूरी तरह रद्द करने और सात को आंशिक तौर पर रद्द करने की घोषणा की है।

(आईएएनएस)

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