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यूएनजीए अध्यक्ष ने प्लास्टिक प्रदूषण को लेकर भारत के प्रयासों को सराहा

संयुक्त राष्ट्र –  संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फर्नाडा एस्पिनोसा गार्सिस ने प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ भारत की जंग की सराहना की है।

उन्होंने मंगलवार को यहां प्लास्टिक प्रदूषण के चलते समुद्रों को पहुंच रहे नुकसान और इससे निपटने के प्रयासों पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारत के प्रयासों की सराहना की।

मारिया ने कहा, “मुझे भारत की प्रतिबद्धता के लिए इसका जिक्र और सराहना करने दीजिए।”

भारत 2022 तक सभी सिंगल-यूज वाले प्लास्टिक को खत्म करने को लेकर प्रतिबद्ध है। दिल्ली और मुंबई और तमिलनाडु के मेट्रो शहरों में विभिन्न प्रकार के सिंगल-यूज वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

ऐसा अनुमान है कि 90 प्रतिशत प्लास्टिक महासागरों में 10 नदियों से पहुंचती हैं। इनमें गंगा भी शामिल है, जिसका सबसे बड़े प्रदूषक के रूप में छठां स्थान है।

एस्पिनोसा ने कहा, “प्लास्टिक प्रदूषण ऐसीचुनौती है जो पूरे विश्व, हर क्षेत्र, हर महासागर, हर पर्यावरण पर प्रभाव डालती है। हमें इस पर मिलकर काम करना चाहिए।”

उन्होंने अपनी प्रेसीडेंसी में सिंगल-यूज वाले प्लास्टिक प्रदूषण के उन्मूलन को प्राथमिकता बना लिया है और पिछले साल दिसंबर में इसके खिलाफ अभियान शुरू किया।

बड़ी संख्या में लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए विशेष रूप से युवाओं तक, उन्होंने जून में एंटीगुआ में प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ एक फेस्टिवल ‘प्ले इट आउट’ की घोषणा की।

‘प्ले इट आउट 2 फेज इट आउट’ थीम वाला संगीत कार्यक्रम यूएन टीवी (संयुक्त राष्ट्र) द्वारा ऑनलाइन स्ट्रीम किया जाना है और ग्रैमी पुरस्कार विजेता गायिका व अभिनेत्री अशांति और संगीतकार मैकेल मोन्टानो इसमें प्रस्तुति देंगे।

अशांति ने एक संवाददाता सम्मलेन में कहा, “यह कॉन्सर्ट जागरूकता बढ़ाने के बारे में है, यह लोगों को स्थिति को लेकर गंभीर होने के लिए शिक्षित करने के बारे में है।”

कुछ आकलन के मुताबिक, करीब 1.5 करोड़ टन प्लास्टिक हर साल समुद्रों को प्रदूषित करते हैं।

मारिया ने कहा, “ऐसा अनुमान है कि 2050 तक, समुद्र में मछली की तुलना में प्लास्टिक ज्यादा होगा।”

–आईएएनएस

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