बिज़नेस

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जियोगीगाफाइबर लांच किया

मुंबई :  रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश डी.अंबानी ने गुरुवार को कहा कि बीते 22 महीनों में रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या दोगुना बढ़कर 21.5 करोड़ हो गई है और कंपनी जल्द बहु-चर्चित फाइबर-टु होम ब्रांडबैंड सेवा जियोगीगाफाइबर शुरू करने जा रही है। मुकेश ने आरआईएल की 41वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा,”भारत अपनी अर्थव्यवस्था के आकार को 2025 तक दोगुना करने की ओर अग्रसर है और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस अवधि में देश की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुने से भी बड़ा हो जाएगा।”

इस दशक को कंपनी के लिए सुनहरा दशक बताते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल कारोबार की तरह कुल आय में उपभोक्ता कारोबार का भी समान योगदान होगा।

वर्तमान में कंपनी के 2.5 करोड़ जियो उपयोगकर्ता हैं।

कंपनी की फिक्स लाइन ब्रॉडबैंड सेवा जियोगीगाफाइबर का एलान करते हुए अंबानी ने कहा, “अब हम फाइबर कनेक्टिविटी को देश के 1,100 शहरों में घरों, व्यापारियों, छोटे और मझोले उद्यमों और बड़े उद्यमों तक लेकर जाएंगे।”

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त से इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। लोग जियोगीगाफाइबर के लिए माईजियो और जियो डॉट कॉम दोनों से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

ईशा अंबानी और आकाश अंबानी ने जियोगीगाफाइबर से पर्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि होम्स जियोगीगाफाइबर से अभिप्राय टीवी स्क्रीन पर अल्ट्रा एचडी एंटरटेनमेंट से है जिसके जरिये लीविंग रूम से कई लोगों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, वॉइस एक्टिवेटिड वर्चुअल एसिस्टेंट, वर्चुअल रियलटी गेमिंग, डिजिटल शॉपिंग में लीन होने का अनुभव मिल सकता है।

अंबानी ने कहा, “आज हम फीचर फोन यूजर के लिए फिर एक आकर्षक पेशकश शुरू करने जा रहे हैं। यह जियोफोन ‘मॉनसून हंगामा’ ऑफर है। 21 जुलाई से शुरू हो रही इस नई पेशकश में यूजर अपने फीचर फोन को बदलकर महज 501 रुपये में जियोफोन ले सकते हैं। हमने जियोफोन पर शुरुआती खर्च 1,500 रुपये से घटाकर 501 रुपये कर दिया है। हमारा जियोफोन-2 महज 2,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर 15 अगस्त से उपलब्ध होगा। ”

अंबानी ने कहा,”देशभर में मजबूत रिटेल उपस्थिति के साथ हमने अपनी जियो टीम के लिए 10 करोड़ यूजर्स का लक्ष्य निर्धारित किया है और हम इसके साथ एक और विश्व रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।”

कंपनी के खुदरा कारोबार के बारे में बताते हुए अंबानी ने कहा कि कंपनी ‘हाइब्रिड, ऑनलाइन से ऑफलाइन नए वाणिज्यिक मंच तैयार करने में’ विकास का एक बड़ा अवसर देखती है।

उन्होंने कहा कि नए वाणिज्य प्लेटफॉर्म को उनकी ऑफलाइन रिटेल इकाई और ऑनलाइन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के समायोजन के जरिए तैयार किया जाएगा।

अंबानी ने एजीएम में कहा, “क्योंकि रिलायंस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म कंपनी के रूप में परिवर्तित हो रही है, हम हाइब्रिड ऑनलाइन से ऑफलाइन नए वाणिज्यिक मंच को तैयार करने में एक बड़ा विकास अवसर देखते हैं।”

अंबानी के अनुसार, यह मंच रिलायंस रिटेल स्टोर्स के 35 करोड़ उपभोक्ता और जियो के 21.5 करोड़ प्रयोगकर्ताओं को एक साथ लाएगा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य देशभर में पांच करोड़ गीगा-होम्स और तीन करोड़ छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को जोड़ने का है जिनको समीप में बाजार की सुविधा प्राप्त हो।

अंबानी ने कहा, “इसलिए, हम विशिष्ट रूप से भारत-इंडिया जोड़ो इंटरप्राइज के तहत भौतिक और डिजिटल व्यापार स्थल (मार्केटप्लेस) को जोड़ पाएंगे।”

अंबानी ने कहा, “हमारा नया वाणिज्यिक मंच अमीर हो या गरीब, घर में हो या बाहर सभी ग्राहकों को सरल खरीदारी की प्रथा से बदलकर व्यक्तिगत रूप से तन्मय होकर खरीदारी करने का अनुभव प्राप्त करने में समर्थ बनाते हुए भारत में खुदरा कारोबार को दोबारा परिभाषित करेगी।”

उन्होंने कहा कि यह संवर्धित वास्तविकता (एआर), होलोग्राफिक प्रौद्योगिकी और आभासी वास्तविकता (वीआर) से संभव होगा।

उन्होंने कहा कि कंपनी का डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म एक फाउंडेशन के रूप में काम करता है जिसपर नये वाणिज्यिक प्लेटफॉर्म, मीडिया और मनोरंजन का प्लेटफॉर्म, शिक्षा का प्लेटफॉर्म और स्वास्थ्य सेवा व कृषि संबंधी प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं।

मुकेश अंबानी ने कहा कि आरआईएल ने जामनगर स्थित अपनी रिफाइनरी में दुनिया के सबसे बड़ी पैराक्सीलिन और ऑफ-गैस क्रैकर फैसिलिटी दोनों की सफलतापूर्वक स्थापना की है और कंपनी को 2020 में कृष्णा-गोदावरी (केजी) बेसिन से गैस मिलने की उम्मीद है।

आरआईएल की सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा कि आलोच्य अवधि के दौरान कंपनी के हाइड्रोकार्बन कारोबार की क्षमता विस्तार हुआ है और यह अधिक लाभकारी, समेकित और आय अर्जित करने का सूचक बन गया है।

उन्होंने कहा, “हम जामनगर में अपने अब तक के सबसे बड़े निवेश के आखिरी दौर में आ गए हैं और और हमने सफलतापूर्वक दुनिया के सबसे बड़े पैराक्सीलिन कांप्लेक्स की स्थापना कर इसे सुस्थिर किया है।”

मुकेश अंबानी ने कहा, “रिलायंस दुनिया में पैराक्सीलिन का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और जामनगर में पैराक्सीजिन उत्पादन केंद्र दुनिया में विशिष्ट और सबसे बड़ा होगा जिसकी उत्पादन क्षमता 42 लाख टन है।”

उन्होंने कहा, “हमने दुनिया के सबसे बड़े ऑफ-गैस क्रैकर कांप्लेक्स की स्थापना की है। हमारी रिफाइनरी के ऑफ-गैस को फीडस्टॉ के रूप में इस्तेमाल करने से यह क्रैकर दुनियाभर में सबसे लागत प्रतिस्पर्धी इथीलिन क्रैकर बन गया है।”

अंबानी ने एक्सप्लोरेशन कारोबार में ब्रिटिश कंपनी बीपी के साथ आरआईएल के संयुक्त निवेश योजना की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पूर्वी समुद्र तट स्थित केजी बेसिन डी-6 ब्लॉक में नए क्षेत्र से 3000 अरब क्यूबिक फीट गैस की आपूर्ति की जाएगी।

उन्होंने कहा, “हम 2020 में गैस उत्पादन शुरू करने के लिए कई उन्नत प्रौद्योगिकी अपनाएंगे और 2022 तक रोजाना 300-350 लाख मानक क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन पूरा कर सकेंगे।”

-आईएएनएस

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