दिल्ली

विश्व पुस्तक मेला : चौथे दिन मैनेजर पांडेय की किताब पर चर्चा

 

नई दिल्ली। प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेले के चौथे दिन भी राजकमल प्रकाशन समूह के स्टॉल और ‘हिंदी हैं हम’ सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी लेने वालों की भीड़ बहुत कुछ कह रही थी। पहले कार्यक्रम में आलोचक मैनेजर पांडेय की किताब ‘मुगल बादशाहों की हिंदी कविता’ पर कवि और आलोचक मृत्युंजय ने बातचीत की।

 

दूसरे कार्यक्रम में वर्षा दास के तीन नाटक- ‘खिड़की खोल दो’ ‘चहकता चौराहा’ और ‘प्रेम और पत्थर’ लोकार्पण राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की अध्यक्ष रह चुकीं कृति जैन ने किया गया। जैसे कि इस साल पुस्तक मेले की थीम मानुषी है, इसके मद्देनजर राजकमल प्रकाशन हरदिन महिला लेखिकाओं को अपने मंच में ला रहा है।

 

आलोचक मैनेजर पांडेय ने मृत्युंजय से परिचर्चा करते हुए कहा, “यहां किताब हिंदी साहित्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सारे मुगल बादशाह, बाबर और हुमायूं को छोड़कर, यानी अकबर से लेकर बहादुर शाह जफर तक सबने बृजभाषा में कविता लिखी है और मेरे लिए बहुत ही चकित कर देने वाली बात थी।”

 

मैनेजर पांडेय ने कहा कि जो लोग हिंदी कविता के लंबे इतिहास से परिचित हैं, वे इतना तो जानते रहे हैं कि मुगल शासनकाल में सत्ता और कलाओं के बीच गहरा संबंध था। प्राय: सभी बड़े मुगल शासक कलाप्रेमी और उनके आश्रयदाता थे। पर, कम से कम मुझे, यह पता नहीं था कि उनमें से प्राय: सभी ने स्वयं कविता भी लिखी थी।

 

वर्षा दास ने अपनी किताबों के विमोचन असवर पर कहा, “में बचपन में ही रेडियो से जुड़ी जहां मुझे नाटकों बाल कलाकार का किरदार करने को मिला, आकाशवाणी काम करते करते ही मुझे नाटक लिखने की प्रेरणा मिली।”

 

राजकमल प्रकाशन ने अपने स्टॉल पर पाठकों के लिए एक अनोखी स्कीम भी चलाई है, एक सेल्फी पॉइंट है ‘हिंदी है हम’ पर फोटो लेके फेसबुक पोस्ट करने पर किताबों पर 5 प्रतिशत की छूट दी जाती है। यह पुस्तक-प्रेमियों को काफी पसंद आ रहा है, और सेल्फी लेने वालों में काफी उत्सुकता बढ़ा रहा है।

 

11 जनवरी के कार्यक्रम : हॉल 12-12 ए स्टॉल 303 -3018 : राजकमल प्रकाशन स्टाल 4-5 बजे मृदुला गर्ग द्वारा उनकी किताब ‘वसु का कुटुम’ अंश पाठ तथा पाठकों से बातचीत, 5-6 बजे पुरुषोत्तम अग्रवाल अपने उपन्यास ‘नाकोहस’ से अंश पाठ और पाठकों से बातचीत करेंगे।

(आईएएनएस)

Tags
Show More
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker