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शाह-ठाकरे की बैठक के बाद भी शिवसेना का कड़ा रुख बरकरार

मुंबई: शिवसेना ने गुरुवार को इशारा किया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बीच बुधवार को दो घंटे तक चली बैठक के बाद भी पार्टी ने भविष्य में होने वाले सभी चुनाव अकेले लड़ने के फैसले को नहीं बदला है।

शिवसेना के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने यहां पत्रकारों से कहा, “भविष्य में होने वाले सभी चुनावों के लिए फैसला पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने लिया है। कैसे कोई बाहरी आकर इसे प्रभावित कर सकता है?”

हांलाकि उन्होंने कहा कि कि ठाकरे पालघर में गुरुवार को प्रस्तावित जनसभा में पार्टी का पक्ष स्पष्ट करेंगे। पालघर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई थी। इस उपचुनाव में भाजपा और शिवसेना में संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए।

शिवसेना ने इसके अलावा 25 जून को होने वाले महाराष्ट्र विधान परिषद के मुंबई और कोंकण स्नातक सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। भाजपा ने भी इन सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है।

इसके ठीक उलट, कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष अशोक चह्वान ने विधान परिषद की चार सीटों के लिए उम्मीदवार खड़े नहीं किए हैं और चुनाव में ‘धर्मनिरपेक्ष ताकतों’ को समर्थन देने की घोषणा की है।

कांग्रेस कोंकण में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) के नजीब मुल्ला, मुंबई शिक्षक सीट पर शरद यादव के लोकतांत्रिक जनता दल के कपिल पाटील, मुंबई की स्नातक सीट पर पीजेंट एंड वर्कर पार्टी के राजेंद्र कोर्डे और नासिक शिक्षक सीट पर टीचर्स डेमोक्रेटिक्स फ्रंट के संदीप बडसे को समर्थन करेगी।

भाजपा नेताओं ने यह विश्वास जताया है कि गठबंधन के दो पुराने साथी न सिर्फ 2019 लोकसभा चुनावों में बल्कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए हाथ मिलाएंगे।

शाह ने बांद्रा पूर्व में बुधवार देर रात ठाकरे के आवास ‘मोतीश्री’ में उनसे मुलाकात की। शाह ने उनसे दो घंटे तक मुलाकात की।

भाजपा अध्यक्ष ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान के तहत बुधवार को मुंबई आए थे, जहां उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और उद्योगपति रतन टाटा को नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान प्राप्त उपलब्धियों के बारे में बताया और उनसे संपर्क मांगा।

–आईएएनएस

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