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सागर की गहराई से ऊर्जा दक्षता का परीक्षण करेगा माइक्रोसॉफ्ट

लंदन: कंप्यूटर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी माइक्रोसॉफ्ट को सागर की गहराई में डाटा केंद्र के लिए पर्याप्त ऊर्जा की तलाश है। इसी क्रम में कंपनी ने प्रयोग के तौर पर जहाज के कंटेनर के आकार का एक केंद्र स्कॉटलैंड के ओर्कनी द्वीपसमूह के पास समुद्र तल पर स्थापित किया है।

डाटा केंद्र के पास लंबी अवधि तक चलने वाली खुद की जरूरत की ऊर्जा होने से दुनियाभर में इंटरनेट के संपर्क में तेजी आएगी क्योंकि डाटा केंद्र इंटरनेट की रीढ़ होती है। साथ ही, यह कप्यूटिंग क्लाउड के लिए भी अहम होता है।

खासतौर से तटवर्ती नगरों के निवासियों के लिए यह वरदान साबित हो सकता है। जलाशयचों में डाटा केंद्र स्थापित होने से तटीय इलाकों में डाटा संचरण का दायरा छोटा होगा जिससे उसकी रफ्तार तेज होगी और इंटरनेट संपर्क सुचारु बन जाएगा।

माइक्रोसॉफ्ट ने मंगलवार को नॉर्दर्न आइल में डाटा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।

यह परियोजना माइक्रोसॉफ्ट के प्रोजेक्ट नैटिक का हिस्सा है, जोकि वर्षो से पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ विनिर्माण व संचालन कार्य के लिए डाटा केंद्र स्थापित करने के विकल्प की तलाश में जुटा है।

बीबीसी की बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार, यह परिकल्पना की गई है कि पानी में कंप्यूटर के प्रशीतलन की लागत में कटौती होगी।

प्रोजेक्ट नैटिक के पभारी बेन कटलर ने कहा, “हमारा मानना है कि धरती के मुकाबले पानी में बेहतर प्रशीतलन मिलता है।”

नॉर्दर्न आइल के डाटा केंद्र में 864 सर्वर और संयोजित प्रशीतलन सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर के वाले 12 ट्रैक हैं।

–आईएएनएस

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